चीनी के बढ़ते दाम, न देना फरमान
अब कहीं प्रधानमंत्री, “चीनी” पर फरमान न दे दें,बढ़ते दामों से जनता को, कोई नव ज्ञान न दे दें।कहें-मीठा कम
Read Moreअब कहीं प्रधानमंत्री, “चीनी” पर फरमान न दे दें,बढ़ते दामों से जनता को, कोई नव ज्ञान न दे दें।कहें-मीठा कम
Read Moreमाथे पर शिकन सही, पर सीने में अथाह प्यार है,पिता और पुत्र का बंधन, इस कायनात का अनूठा श्रृंगार है।ना
Read Moreउनकी अशिष्ट भाषा नेतुमको चोट पहुंचायी हैतुम्हें धैर्य नहीं खोना हैएक विशाल वृक्ष की तरहडगमगाना नहींउन्होंने तुम्हें गाली दी हैवीर
Read Moreभारतीय परंपरा और संस्कारों की प्रतीकता, जिसकी संवाहक बनती हमारी मातृशक्तियाँ। यह हमारा आपका सौभाग्य है कि हमारे अपने जीवन में हमसे ज्यादा मातृशक्तियों
Read Moreहां मैं वरिष्ठ नागरिक हूंहै आज का पूरा दिन मुझे समर्पितबधाईयों के सन्देश आ रहे हैंमैं भी करूं सबको धन्यवाद
Read Moreविधा- कविताशीर्षक- वैराग्य के भागी छोटे-बड़े और खोटे-खरे काभाव न जिसके मन में आए,खाली-भरा या ऊंचा-नीचा,जिसकी नजर को ना भरमाए।
Read More(21 अगस्त “विश्व उद्यमिता दिवस” पर विशेष) विधा- कविताशीर्षक- युवा, बनो देश का मान तुम कौशल के भंडार हो,शक्ति-स्वरूप साकार
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