संवेदना
कुत्तिया के तीन बच्चे एक दूजे के साथ खेल रहे थे लेकिन वह उदास थी, ऐसा इसलिए कि उसके एक
Read Moreसुरजीत एक हफ्ते की छुट्टी काटकर वापस ड्यूटी पर जा रहा था। सुबह आठ बजे घर से चला था और
Read Moreयात्राएँ करना सम्भवतया मेरा स्वभाव ही बन गया था अथवा नियति, लेकिन परिस्थितियों के उतार-चढ़ाव और देश की तत्कालीन परिस्थितियों
Read Moreनित्य नवीन सपने और उन्हें पूरा करने का जुनून ! जीवन से धीरे-धीरे सब कुछ छीन लिया । अहसास होने
Read Moreदीदी,,आपसे एक बात कहनी थी”। मीनू ने अपनी मालकिन से कहा।*हां,बोल, मालकिनसुरेखा ने कहा। मुझे थोड़े पैसे चाहिए थे,वो बेटी
Read Moreमिट्टी की उन पगडंडियों पर, जहाँ सुबह‑सुबह धूप भी संकोच से उतरती है, एक छोटी‑सी लड़की आज फिर घर की
Read Moreरिया को बचपन से ही छायाचित्र लेने का शौक था। जब उसके हमउम्र बच्चे खिलौनों, खेलों और अपने छोटे-छोटे झगड़ों
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