लघुकथा – शीना
पाँचवी कक्षा में पढ़ती शीना को उसकी टीचर मिनू ने पूछा चार बज रहे है बेटा कोई लेने नहीं आया
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Read Moreसुरजीत एक हफ्ते की छुट्टी काटकर वापस ड्यूटी पर जा रहा था। सुबह आठ बजे घर से चला था और
Read Moreयात्राएँ करना सम्भवतया मेरा स्वभाव ही बन गया था अथवा नियति, लेकिन परिस्थितियों के उतार-चढ़ाव और देश की तत्कालीन परिस्थितियों
Read Moreनित्य नवीन सपने और उन्हें पूरा करने का जुनून ! जीवन से धीरे-धीरे सब कुछ छीन लिया । अहसास होने
Read Moreदीदी,,आपसे एक बात कहनी थी”। मीनू ने अपनी मालकिन से कहा।*हां,बोल, मालकिनसुरेखा ने कहा। मुझे थोड़े पैसे चाहिए थे,वो बेटी
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