जुबान के बोल
विष केवल साँपों में नहीं,इंसाँ भी उगल जाता है,कटु वचनों की ज्वाला में,अपनों को ही जलाता है। महाभारत की अग्नि
Read Moreविष केवल साँपों में नहीं,इंसाँ भी उगल जाता है,कटु वचनों की ज्वाला में,अपनों को ही जलाता है। महाभारत की अग्नि
Read Moreतीसरे-चौथे बच्चे पर, अब मिलने लगे इनाम,यूं जनसंख्या की चर्चा में, बदल रहा है काम।कल तक जो कहते थे—“छोटा रखो
Read Moreनशामुक्ति अभियान का बड़ा भव्य आयोजन था,कॉलेज के छात्रों के हाथों में पोस्टर लिये खड़े थे!पोस्टर पर स्लोगन लिखा थानशा
Read Moreनन्हा बच्चा खेल रहा,हँस-हँस कर वो झूम रहा,लाल पैंट और प्यारी शर्ट,सबको कितना भा रहा।नन्हा बच्चा खेल रहा,हँस-हँस कर वो
Read Moreक्या कल कभी आता है,सब काम लोग कल पर टाल जाते हैं,क्या होता है कल आखिर,न किसी ने देखा, न
Read Moreयेसिर्फनिशानलाल नहींरेड क्रॉस कासेवा प्रतीक है। हेदेशभर केनागरिकोंसमझो तुमनैतिकता सेवारेडक्रॉस संदेश। लोआगेआकरसेवाधर्मका पाठ पढ़ो।नित मुस्कान बाँटो। येबसभलाईसेवाभावसिखाता हमेंरेडक्रॉस दिवस।
Read Moreहर उर में तू ही छाया,हर सुर में रहा गाया;ना समझ कोई पाया,जग तेरा रहा साया! हर रूप रहा तेरा,हर
Read Moreहे नाथ सृष्टि में लाकर,तूने था क्यों भरमाया;संग रहके मेरे पल-पल,क्यों ना था गले लगाया! ना दूर रही थी मंज़िल,तू
Read Moreजिमि छोड़िकें नवजात शिशु,जाबत चरन धेनु बिपिन;तिमि काम पर जाबत युवति,आ वत्स कूँ देखन चहति! मन मारि कें जानो पड़त,सोचति
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