कुछ लोग
शाम को घर जल्दी जाने की चाहत मेंदुपहरी में भी जल जाते हैं कुछ लोग ।पालना सबके नसीब नहीं होता
Read Moreरूठो चाहे उम्र भर, रख लो लाख मलाल।अपनों के सँग मत कभी, चलना कुटिल कुचाल॥साथ न चलना हो चले, अपनी-अपनी
Read Moreन वह चूल्हे की रोटी न वह घड़े का पानीबदल सी गई कुछ ऐसी ज़िंदगानीबुढापा भी कुछ और सा बीत
Read Moreसुबह की नरम धूप जब आँगन में उतरती है,चिड़ियों की चहचहाहट मन को छूकर गुजरती है।एक प्याली चाय के साथ
Read Moreजीवन की जंग लड़ता तन, पीड़ा से भरा हर श्वास,फिर भी सभी को चाहिए, लक्ष्यों का विकास। रिश्तों की थकान,
Read Moreहां मैं लिखता हूंसिर्फ लिखने के लिए नहींअपने जज्बातों केइज़हार के लिए भी हां मैं लिखता हूंहर अल्फ़ाज़ में तुमकोमगर
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