धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

सिनेमा, संस्कृति और हाशिए पर जाते त्योहार

सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है। यह समाज का आईना, संस्कृति का कथाकार और बदलते सामाजिक मूल्यों का एक

Read More
धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

आस्था का सम्मान, लेकिन गलत बातों पर सवाल जरूरी

धर्म मनुष्य के जीवन में केवल पूजा-पद्धति या कर्मकांड का विषय नहीं है। वह उसकी आस्था, संस्कृति, नैतिकता, परंपरा और

Read More
धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

‘तुलसी’ सब छल छाँड़िकै

अभिव्यक्ति मन की‘तुलसी’ सब छल छाँड़िकै,कीजै राम-सनेह।अंतर पति सों है कहा, जिन देखी सब देह॥ मनुष्य को सारे छल-कपट छोड़कर

Read More
धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

देवभूमि (उत्तराखंड) के सुप्रसिद्ध तीर्थ स्थल : हिमालय के दिव्य तीर्थ है -पंच बद्री

देव भूमि उत्तराखंड में पंच बद्री, पंच केदार, पंच प्रयाग प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है इनके दर्शन करने से आध्यात्मिक शांति

Read More
धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

हमारे देश की सांस्कृतिक और राष्ट्रीय भावना

हमारे देश के राष्ट्रीय पर्व का अलग ही महत्व है,क्योंकि इसमें हमारे देश के जाबांज स्वतंत्रता सेनानियों का तन-मन धन

Read More
धर्म-संस्कृति-अध्यात्मपर्यावरण

प्रकृति के महिमागान का महापर्व है हरियाली अमावस्या

वर्षा की फुहारों से नहायी धरती, हरियाली की चादर ओढ़े पहाड़ियाँ, कल-कल बहते नदी-नाले, पेड़-पौधों पर पसरी नवजीवन की आभा

Read More
धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

नागपंचमी, ​विष से अमृत तक

हमारी प्राचीन परंपराएं मात्र रीति-रिवाजों या कर्मकांडों का संग्रह नहीं हैं, बल्कि वे अस्तित्व के विज्ञान और ब्रह्मांडीय संतुलन के

Read More
धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

परस्पर अभिवादन हेतु ‘नमन’ का श्रेष्ठ प्रकार

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। समाज में रहते हुए उसका अन्य व्यक्तियों से निरंतर संपर्क होता है और इस संपर्क

Read More