ग़ज़ल
होती है तकरार उन्हीं से।लेते हैं उपहार उन्हीं से।। लड़ना जिसने देख सिखाया।सीख लिया इज़हार उन्हीं से। घूँट रहे पीते
Read Moreकैसे कह दूँ ?कोई अशिक्षित नहीं रहेगा ।कोई दारू,सिगरेट नहीं पिएगा ।नहीं पिटेगी घर में कोई महिला ।सड़कों पर कोई
Read Moreदेशभक्ति जब सो गई, बढ़ने लगे विकार।जागो भारतवासियो, फिर जागें संस्कार।। जो भारत के शत्रु हैं, उनसे कैसा प्यार।देशप्रेम की
Read Moreब्रांडों की इस दौड़ में, बिकता मन का चैन।तन पर लाखों खर्च हैं, भीतर खाली नैन।। किस्तों में जीवन कटा,
Read Moreप्रयागराज की सड़कों परअस्मिता को बचाने के लिएएक स्वाभिमानी महिलामजबूत इरादों से परिपूर्णभरी युवावस्था मेंवह विधवा हो गयी हैसमाज से
Read Moreठंडे-ठंडे पानी में मुझेये क्या हो गया हैजैसे झील में कोईकमल खिल गया है। प्रीत में जैसे कोईमन-मीत मिल गया
Read Moreओ सिस्टम के बेईमानों,तुम कब तक आंख चुराओगे?संविधान की पावन प्रति को,कब तक धूल चटाओगे?हक़ खा रहे, लहू पी रहे,ओ
Read Moreबाजों से वह क्यों डरे, चिड़िया रखती पंख।हिम्मत जिसके खून में, टूटे हर इक दंभ।। गिरने का डर छोड़ दे,
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