मेरा देश
गंगा , गीता, गायत्री, गाय, मेरा देश।सिद्ध मंत्रों के रचे अध्याय, मेरा देश। दानवों से लड़े, जीते, मुक्ति के संग्राम,अग्निधारा
Read Moreभारतीय परंपरा और संस्कारों की प्रतीकता, जिसकी संवाहक बनती हमारी मातृशक्तियाँ। यह हमारा आपका सौभाग्य है कि हमारे अपने जीवन में हमसे ज्यादा मातृशक्तियों
Read Moreहां मैं वरिष्ठ नागरिक हूंहै आज का पूरा दिन मुझे समर्पितबधाईयों के सन्देश आ रहे हैंमैं भी करूं सबको धन्यवाद
Read Moreबूंदों ने बरसा दिया, धरती पर उपहार।पानी यूँ ही बह गया, जागो मेरे यार॥ प्यासे खेतों की सदा, सुनता नहीं
Read Moreविधा- कविताशीर्षक- वैराग्य के भागी छोटे-बड़े और खोटे-खरे काभाव न जिसके मन में आए,खाली-भरा या ऊंचा-नीचा,जिसकी नजर को ना भरमाए।
Read More(21 अगस्त “विश्व उद्यमिता दिवस” पर विशेष) विधा- कविताशीर्षक- युवा, बनो देश का मान तुम कौशल के भंडार हो,शक्ति-स्वरूप साकार
Read More