पद्य साहित्य

कविता

नन्हा मन, बड़ा ज्ञान

नन्हे-नन्हे हाथ में,सपनों का संसार।पढ़ते-सीखते मुस्कुराएँ,हो ज्ञान अपार।। किताबों से दोस्ती करें,सीखें नई बात।मेहनत से ही खिल उठे,जीवन की हर

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