वो भी क्या दिन थे
वो भी क्या दिन थे, हाँ भले ख्वाब अनगिनत थे !न मुश्किलों का डर,न बात बेबात का इतना असर! दिलों
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Read More‘महिला आरक्षण’ का सपना फिर अधूरा रह गया,संसद के गलियारों में सच जल की तरह बह गया।बड़ी-बड़ी बातें करने वाले,
Read Moreयोग्यता का आकलन, अब नम्बर होने लगा,शिक्षा का स्तर स्कूल में, नम्बरों से होने लगा।ए सी बिल्डिंग मँहगी फ़ीस, आधुनिक
Read Moreतेरे दर्द को अल्फ़ाज़ दूंगामत सोच तू अकेला हैंहर कदम पर तेरा साथ दूंगा। दर्द का समुंदर जो तेरे अंदरनित्य
Read Moreखामोश थीं दीवारें, पर ‘दर्द’ चीख रहा था,ये इंसान ही इंसान को नीचे गिरा रहा था। क्यों? स्त्री जननांग से
Read More“आनंद” अपनत्व से भरपूर प्यारा सा परिवार,मिलें जहॉं बुजुर्गों का सानिध्य छोटों का चटकार,जीवन किताब के हर कोरे पन्ने को
Read Moreवे बहुत भूखे हैपर खाने के नहीतुम्हारे हिस्से खाने के।वो प्यासे भी हैपर नीर के नहीतुम्हारे देह में बहती रक्त
Read Moreस्वर की वो रानी, सुरों की मूरत,हर दिल में बसती, मधुर सी सूरत।गीतों की गंगा, सुरों का सागर,तेरी आवाज़ में
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