देख सिकरी आगरा
देख सिकरी आगरा, ‘सौरभ’ है हैरान।खाली है दरबार सब, महल पड़े वीरान।। कल जिनके आदेश पर, झुकता था संसार,आज हवा
Read Moreदेख सिकरी आगरा, ‘सौरभ’ है हैरान।खाली है दरबार सब, महल पड़े वीरान।। कल जिनके आदेश पर, झुकता था संसार,आज हवा
Read Moreलोगों का क्या? कहते कुछ भी, आगे बढ़ते जाना है।पथिक हैं हम और पथ जीवन है, चलते-चलते गाना है।।नहीं किसी
Read Moreगर्मी आई गाँव में, तपने लगा जहान।मटके वाला जल बना, जैसे अमृत-दान।। सूरज बरसे आग-सा, झुलसे खेत-खलिहान,प्यासे पंछी ढूँढते, छाँव
Read Moreअमराई की छांव सुहानी, मनवा गीत सुनाए है,भीनी-भीनी खुशबू से, यह जीवन महकाए है। कोयल मीठी तान सुनाए, पवन रागिनी
Read Moreकॉकरोच को तुच्छ कह, भरते मन अभिमान।भीतर बैठे भेड़िए, ऊपर मीठी तान।। लोमड़ जैसी चाल से, करते रोज़ शिकार,गिरगिट जैसे
Read Moreलिखने वाले बढ़ गए, घटते गए विचार।बिन पढ़े ही बन रहे, मंचों के सरदार।। दो पंक्ति फेसबुक लिखी, बन बैठे
Read Moreकॉकरोच कहकर जिन्हें, समझा था कमजोर।डिजिटल होते दौर में, वही बने सिरमौर॥ मीमों वाली चोट से, हिलने लगे विचार,हँसते-हँसते बोलते,
Read Moreचाहा उन्हें समुद्र दें, वे निकले बदहाल।तालाबों में बिक गई, उनकी सारी चाल॥ जिनको सींचा प्रेम से, देकर अपना खून,वही
Read Moreसुख-दुख तो हैं आते-जाते, जीवन पथ संगीत सुनाते।समझ इसे हम सब कब पाते, बाद बहुत नाहक पछताते।। इसका जीवन खेल
Read More