दोहा
आंगन में चुप चुप खड़ा,बूढ़ा पीपल पेड़।कहे समय से क्या मिटा,मत किस्सा ये छेड़।। नयी नस्ल बर्बाद है,खत्म हो गया
Read Moreमिट्टी सब याद रखती है, हर कदम का हिसाब रखती है,पसीने की हर बूंद को, अपने आँचल में सहेजती है,खामोशी
Read Moreजी रहा हूँ जीवनबड़ी ही शिद्दत सेक्या मेरी पीड़ा काकारण बन तुममुझे शून्य करोगे ? हारा तो कभीथा ही नहीं
Read Moreसौरभ वह मनुमुक्त था, दीपक सा निष्काम।जलकर जिसने दे दिया, सबको नया मुकाम।। हरियाणा का लाल था, जन-जन का सम्मान।मेहनत,
Read Moreराजस्थान का एक शहर है कोटा“शिक्षा नगरी“ पहचान है कोटादेश के कोने कोने से आते बच्चेकोचिंग की काशी है कोटा
Read Moreधीरे धीरे बनती है मक्के की रोटीगर्म पानी से, गूंथ आटा नरमहाथ में लोई को गोल गोल घुमामां! दुलराती, बनाती
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