त्योहारों का धाम
भारत देश हमारा त्योहारों का धाम है,ये खुशियों और आस्था का देता पैगाम है।होली में रंगो की बरसती फुहार है,दीवाली
Read Moreभारत देश हमारा त्योहारों का धाम है,ये खुशियों और आस्था का देता पैगाम है।होली में रंगो की बरसती फुहार है,दीवाली
Read Moreजिस आवाज़ में था सच का साहस,जिस आँखों में था “दर्द”, देता राहत।जिसके संवाद में जीवन बोलता था,आज वो ही
Read Moreहाथों में मोबाइल थामे,एक कोने में बैठे हैं,काम-धाम से नाता टूटा,बस रील्स में ही खो ऐंठे हैं,आज सुबह की धूप
Read Moreएक सच्ची मांहालातों से लड़नाउसने मन में ठानीपति की मौतजिम्मेदारियों का एहसासबच्चों के बचपन कोवह उजड़ने नहीं देना चाहती हैसास-ससुर
Read Moreविधा- कविताशीर्षक- यादों की महफिल वो सिमटी महकती-सी कुछ यादें,महका देतीं हैं तन-मन-जीवन,अक्सर पहुंचा देती हैं उन वीथियों में,जहाँ बीता
Read Moreरोजी-रोटी के लिए, भटक रहे हैं लोग।कुछ की खातिर है यही, सबसे भारी रोग।कुछ का अच्छा भाग्य है, कुछ का
Read Moreदुश्मन हैं जब हम सभी, मिले कहाँ आराम।ईश्वर का फिर दोष क्या, होते जब बदनाम।।लिखना चाहें हम सभी, एक नया
Read Moreशेयर बाजार में कर रखा है बड़ा इन्वेस्टमेंटपोर्टफोलियो है डायवर्सिफाइड,बेटा पढ़ता है सातवीं कक्षा मेंडाॅक्टर बनाने के लिएकरवा दिया है
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