ग़ज़ल
परिंदो, चहचहाना चल रहा हैचमन से दोस्ताना चल रहा है तुम्हारे गाँव में पनघट नहीं परनज़र का तो निशाना चल
Read Moreगीत नहीं आते अधरों परआँखें जब दो रोती हैं।पेट भरा रहता है जिनका,बस उनसे यह होती हैं।खोज़ रहे दो रोटी
Read Moreचोंचलों की बरसात होने वाली है,नेताओं की बारात होने वाली है,जनता को आघात होने वाली है,चुनावी वादों की फिर से
Read Moreरोटी दे बछड़ा पला, खूब सिखाई पींग।बड़ा हुआ तो मारता, आज मुझे ही सींग॥ दाना चिड़िया को दिया, भरा पंख
Read Moreसभी डरे थे देखकर, संकट का विस्तार।भारत का बेटा खड़ा, लेकर दृढ़ हुंकार॥ संयमी हवा में रहा, मन में रहा
Read Moreये शब्दकोश से पहले की बात हैगिनती पहाड़े सब बाद में बनेंया ये माँ की देन हैंतुमने डाला खेत में
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