दीपावली दोहे
बोला माटी का दिया, मेरा नाम “प्रकाश”।धरती है मैया मेरी, और पिता आकाश॥ सूरज हैं ताऊ मेरे, ताई जी हैं
Read Moreबोला माटी का दिया, मेरा नाम “प्रकाश”।धरती है मैया मेरी, और पिता आकाश॥ सूरज हैं ताऊ मेरे, ताई जी हैं
Read Moreकृष्ण सा प्रेम पावन करूं मैं तुझे,शाश्वत प्रेम ही मन का आधार है।जिस्म का प्रेम पाना नहीं चाहता,ना मुझे ऐसी
Read Moreएक दिन –सेवा – निवृत्तअपने मित्र सेमैं यूँ ही –पूछ बैठाआप का क्या हाल – चाल है?सरकारी सेवा में उच्च
Read Moreसोचा थाजिंदगी की तमाम –बातों को सहेज़ करजिंदगी के नाम-एक पाती लिखूँ!इतिहास के पृष्ठों पर-न सहीपर-हासिये पर तो दिखूँ!!पर अफ़सोस-कलम
Read Moreबेटे।मैंने-अपने जीवन ज्योति सेतेरे जीवन-पथ को सजायाउस पर-प्रकाश ही प्रकाश फैलायातेरे अंधेरे को-सदैव गले लगायाजलते-जलतेजब-मेरा जीवन दीपज्योतिहीन हो गयामेरा उजालातेरे
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