उनका बेटा
गाँव की आबो-हवा में सोंधी मिट्टी की महक से ज़्यादा एक अजीब सी ख़ामोश ऐंठ घुली रहती थी। यह ऐंठ
Read Moreजीवन में कुछ पड़ाव ऐसे होते हैं, जिन्हें हम पीछे छोड़ तो आते हैं, लेकिन वे कभी हमारे भीतर से
Read Moreतलाश का आगाज़ एक छोटा सा लड़का था—आरव। उसकी आँखों में दुनिया को देखने की एक अजीब सी बेताबी थी।
Read Moreरात भर आसमान चीखते- चीखते सो चुका था। धरती पर फैले रूधिर रक्त ने उसका रंग बदल दिया था। सूरज
Read Moreट्रेन के डिब्बे में लोगों की चहल-पहल थी, पटरियों पर लोहे के टकराने की गड़गड़ाहट और बाहर गुज़रते हुए मंज़र…
Read Moreआप उन लोगों के बारे में क्या सोचते हैं, जो किसी भी स्थिति में सच को सच कहते हैं और
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