हठयोग की राह
आदि योगी भगवान शिव से जनमी, पावन योग-परंपरा है,सिंधु घाटी की मुहरों में, अंकित जिसका अमिट विग्रह है। ऋग्वेद और
Read Moreआदि योगी भगवान शिव से जनमी, पावन योग-परंपरा है,सिंधु घाटी की मुहरों में, अंकित जिसका अमिट विग्रह है। ऋग्वेद और
Read Moreजन्म जमांतर की मेरीअतृप्त इच्छाएंमुझे छूने लगी है। देख कर तुमकोमुझ में प्रेम जिज्ञासाफिर उत्पन्न होने लगी है। तुम्हारे अस्पर्श
Read Moreशरीर की भाषासांसों में उतरती शांतियोग का स्पर्श तन का हर तनावधीरे-धीरे मिट जाताआसन के संग मन की उलझनेंजैसे धुंध
Read Moreयोग दिवस इक्कीस जून को, दुनिया भर में मनाएँगे,भारत का गौरव बढ़ाकर, नाम स्वर्णाक्षरों में लिखवाएँगे। योग से दूर होंगी
Read Moreरोया आकाश,भीगी स्मृतियों में,चुप है पथ। सूनी चौखट,कदमों की आहट,ढूँढ़े मन। बुझते दीपक,धुएँ की लकीरों में,चेहरा खोया। टूटी प्रतिध्वनि,वक्त के
Read Moreजप, तप, नाम, व्रत, परमार्थसब बेकार से लगते हैं।झूठ, कपट, आँसू, द्वेष, कामसब साकार से लगते हैं।जब जीवन के झंझावातचरमोत्कर्ष
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