वो बूढ़ी औरत
उस अनजान को देखकर हुआ मुझे दर्द,देखा उन्हें तो लगा, दिल में छिपा है बहुत सारा दर्द।आँखों में नमी, हाथों
Read Moreउस अनजान को देखकर हुआ मुझे दर्द,देखा उन्हें तो लगा, दिल में छिपा है बहुत सारा दर्द।आँखों में नमी, हाथों
Read Moreसंबंधों और अफसानों के बहुत सारे किस्से हैं,दूर हुए क्या पैसे हमसे दोयम दर्जे के रिश्ते हैं,खून खौलना,खून बोलना बनी
Read Moreहर आंदोलन में विदेशी हाथ,ये तो बहुत ही पुराना राग है।जनता पूछ रहीं रोटी का प्रश्न,किसी साज़िश का संवाद है।
Read Moreशरद पूर्णिमा की रश्मियॉं, अमृत “आनंद” बहाती है,शुभागमन में शरद ऋतु के, प्रकृति गीत गुनगुनाती है । देख आज कण-कण
Read Moreदेश की मिट्टी पुकारे,पर वो सुनते ही नहीं,ज़ख्म गहरे हैं बहुत,पर ख़्वाब बुनते ही नहीं,विकट परिस्थितियों में जिनकी आंखें भीगती
Read Moreपिताएक रिश्ता भर नहीं होताबल्कि एक पूरा जीवन होता हैजो अपने लिए नहींबल्कि जीते है अपने परिवार के लिए ।
Read Moreबेटी का बाप हूँहाँ, एक बेटी का बाप हूँऔर मुझे वंश की दुहाई न दोन उद्धार कीन मुखाग्नि कीमैं कोई
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