निष्ठुर समय
भरी दुपहरी मेंयौवन से भरपूरएक युवतीदूधमुहें बच्चे कोलटकाये हुए फटी साड़ी में लिपटीप्रत्येक कार के पास पहुंचती हाथ फैलाकरकुछ खाने
Read Moreभरी दुपहरी मेंयौवन से भरपूरएक युवतीदूधमुहें बच्चे कोलटकाये हुए फटी साड़ी में लिपटीप्रत्येक कार के पास पहुंचती हाथ फैलाकरकुछ खाने
Read Moreअलसित मन की वेदना, पीड़ा तब बन जाए,अंतर्द्वंद्व का तिक्त जल, सिर से ऊपर आए।आत्ममंथन से हो सके, खुद अपनी
Read Moreएक चेहरा ही काफी हैं! रंग दिखाने के लिए।फिर क्यूँ ? चेहरें पे चेहरा लगाके घुमते हैं लोग।। आगे कुछ,
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