नारायणी
नारी हूँ मैं, नर की नारायणी। बेटी, भगिनी, प्रिया, माँ कल्याणी।। सक्षम, सशक्त सुशिक्षित सन्नारी। ममतामयी, धरा-सी धीरज धारी।। दया,
Read Moreमाँ, ममता की मूरत, माँ, धरा का धीरज, माँ, ममत्व का आँचल, माँ, करुणा सागर।। माँ, प्रभु प्रतिरूप, माँ-सा न
Read Moreमैं पानी हूंजीवन की कहानी हूंबादल का भाग्यसमुद्र की गहराई हूंगंगा की पवित्रताआंखों की तराई हूं । मैं पानी हूंबूंद
Read Moreनीट का पेपर जब ‘लीक’ हुआ,हरेक सपना जैसे ‘ध्वस्त’ हुआ।अथक मेहनत की रातें ‘रो’ पड़ीं,ईमान की ‘राहें’ जैसे खोई पड़ीं।
Read Moreऊपर से नीचे तक कसीदे गढ़ रहे हैं,किसी को नहीं पता किस ओर बढ़ रहे हैं।राजा दिन को रात कह
Read Moreमेरा गाँव मुझे आज भी बहुत याद आता हैगांवों से दूर हूँ फिर भी,पास नजर आता हैमाना की यहाँ पे
Read Moreजून का महीना गर्मी कहर की।तपती थी धूप सिर पर दोपहर की।जलती लोह को गुरू साहिबान सह गए।ज़ालिमों का हो
Read Moreजितनी भी ज़िन्दगी कटी है सब तेरे नामबुरा किया अच्छा किया है सब तेरा कामजैसी बुद्धि दी तूने है उसी
Read Moreछोटी-छोटी सी खुशियॉं, महकाती जीवन की बगिया,चेहरे पर मुस्कान खिलाती, अनूठी पहचान बन जाती,बूॅंद-बूॅंद खुशी का प्राणायाम, तन-मन को देती
Read Moreजीवन मेरा केवल जीना,खाना-पीना, सोना नहीं,मानवता की राह पकड़करबस अपने तक होना नहीं।ज्ञान बाँटना, दीप जलाना,अंधियारे को दूर करूँ,गिरते हुए
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