दुनिया का रंग
तलाश का आगाज़ एक छोटा सा लड़का था—आरव। उसकी आँखों में दुनिया को देखने की एक अजीब सी बेताबी थी।
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Read Moreरात भर आसमान चीखते- चीखते सो चुका था। धरती पर फैले रूधिर रक्त ने उसका रंग बदल दिया था। सूरज
Read Moreट्रेन के डिब्बे में लोगों की चहल-पहल थी, पटरियों पर लोहे के टकराने की गड़गड़ाहट और बाहर गुज़रते हुए मंज़र…
Read Moreआप उन लोगों के बारे में क्या सोचते हैं, जो किसी भी स्थिति में सच को सच कहते हैं और
Read Moreश्रीनगर के एक कॉलेज में पढ़ने वाले ज़ुबैर और नूरीन एक-दूसरे से बेपनाह मोहब्बत करते थे। पम्पोर के केसर के
Read Moreजून का महीना था। बारिश हुए को लगभग एक हफ्ता हो गया था। जून की इस बारिश को पहाड़ों में
Read Moreअलमारी के ऊपरी खाने में रखी लाल साड़ी को सविता ने आज फिर बाहर निकाल लिया।सुनहरी जरी की महीन बेलें
Read Moreकश्मीर की सर्द हवाओं में चिनार के शुष्क पत्ते तैर रहे थे। दस साल दस लंबे और तवील साल ज़ोहरा
Read Moreपूरे दिन की भागम- भागी मे सप्ताह कैसे बिताता है , पता भी न चलता खासकर दफ्तर जाने वाली महिलाओं
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