सावन आया
तपती धरती ने चैन देख थोड़ा पाया,रिमझिम-रिमझिम करता मनभावन सावन आया । मधुरिम-मधुरिम स्वर में कोयल गाती गाना,अलबेला मौसम पपीहा
Read Moreमौन-पथों पर जो चला, पाया अपना ठौर।भीतर जागा जब स्वयं, मिट गए सब छोर॥ हर यात्रा पैरों बिना, चलती मन
Read Moreघर आँगन की छाँव है, जीवन का विश्वास।ईंटों से बढ़कर सदा, रिश्तों भरी सुवास॥ दीवारों में कैद हैं, बचपन के
Read Moreधर्म नहीं बाज़ार है, श्रद्धा ज्यों व्यापार।लोभी जहाँ प्रधान हो, सूना हर दरबार॥ धर्म बना व्यवसाय जब, खो बैठा संस्कार।भूखे
Read Moreगुरु दीपक सम ज्ञान के, हरें सब अँधियार।जीवन आलोकित करें, बनकर सत्य-विचार॥ शब्द नहीं बस सीख हैं, जीवन का आधार।गुरु
Read Moreआज है गुरु पूर्णिमा का दिनआओ गुरु का ह्रदय में ध्यान धरेंऔर सब काम बाद में कर लें गेपहले सदगुरु
Read Moreसच्चे सद्गुरु जब मिलते हैं, होता सच्चा ज्ञान।ज्योति जलाते जीवन की गुरु, होता हमको भान। तम अज्ञान का दूर कर
Read Moreदूध नहाए हैं सभी, फिर क्यों बिगड़े हाल?जो बोया सो काटते, फिर क्यों करे बवाल॥ सत्य छोड़कर चल दिए, छल
Read More१५ अगस्त कहता है हमसेभाई-भाई में क्यों आज दूरी है,एक दूजे के खून के प्यासेकैसी अब यह मजबुरी है ;क्या
Read Moreभोर सुनहरी गाँव की, जगती नई उमंग।माटी की हर साँस में, बसता जीवन-रंग॥ सुबह-सुबह की नव किरण, चूमे भूमि भाल।ओस
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