ज्ञान के मंदिर में उठते सवाल
जिस आँगन में ज्ञान के दीप, अंधियारे को हरते हैं,जब विचारों के फूल खिलें, सपने आकार गढ़ते हैं।शिक्षा के पावन
Read Moreजिस आँगन में ज्ञान के दीप, अंधियारे को हरते हैं,जब विचारों के फूल खिलें, सपने आकार गढ़ते हैं।शिक्षा के पावन
Read Moreआदरणीय श्रोताओं,एक कर्मचारी की व्यथा सुना रहा हूं,तालियों से हुंकार भरिएगा, मैं चक्रव्यूह का रास्ता दिखा रहा हूं,सैलरी आते ही
Read Moreखूब खाइए सब्जियां,स्वस्थ रहे शरीर,रोग ना व्यापै,देख सब्जियों की शक्ति को,सर्दी भी थर थर कांपै। खूब बनाएं सूप,कभी भी पीएं,है
Read Moreकर्तव्य कर्म निभाती स्त्री कास्वरूप निर्मल पावन है।परम प्रभु जी की प्रतिकृति,आँचल में सुख सार है।।धर्म, क्षमा, दया, करुणा,स्त्री सुशील
Read Moreअब भव भाव भरोसे तोरे,दीखत नियरे जाबत दूरे;हौं अकुलात कबहुँ मुँह फेरे,तुम लखि जात जहाँ दृग मोरे! जाति न पांति
Read Moreजिसने अन्याय के आगे झुकना नहीं सीखा,जिसने अत्याचारों के आगे रुकना न सीखा।मानवता की पीड़ा को अपना दर्द है बनाया,नवी
Read Moreकिताब हाथों में लेकर बसलहरा देना काफी नहीं,भीड़ में खुद को जन-नायकदिखा देना काफी नहीं,मंच से ऊंचे स्वर में सिर्फ़
Read Moreबहाने मत बनाओझूठी जिंदगी जीने के लिएजिंदगी को मिले हैंकुछ रंगीन पलइसे हवा में मत उछालोएक दिन तूम्हारी औकातशून्य को
Read Moreख़ुश रहने को सब कुछ होना ज़रूरी नहीं,हर ख़्वाब का पूरा होना ज़रूरी नहीं,जो मिला है,उसमें मुस्कुराना सीखिए,हर पल को
Read Moreवो दिन भी कितने अजीब थेजब हम तेरे करीब थे ।ना किसी को पाने की जिद थीना किसी को खोने
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