इस देश में रहते हैं
हम रूप अनोखे धर कर, कई भेष में रहते हैंहैं ये अभिमान कि हमको , इस देश में रहते हैं
Read Moreहम रूप अनोखे धर कर, कई भेष में रहते हैंहैं ये अभिमान कि हमको , इस देश में रहते हैं
Read Moreस्वतंत्रता दिवस के शुभ पर्व परकेवल जश्न में ही न डूब जाएजिनकी कुर्बानी से मिलीआजादीएक दिया उनके नाम का जलाएं
Read Moreजीवन नैया डूब रही प्रभु आकर पार लगाओकठिन समय है राह न सूझे आकर राह दिखाओ शूल पांव में गड़े
Read Moreमेरे प्यारे भारत देश में रंग प्रेम के भरे जाते हैंभारत भूमि पर सुर में गीत गुनगुनाए जाते हैं। वीरांगनाओं
Read Moreअब तू ही तो बता साथिया,तुझको छोड़ कहां मैं जाऊं? तू गंगा यमुना कावेरी,सी पावन शीतल निर्मल है।तू ही मेरे
Read Moreआज एक बार फिर सत्यआखिरकार सर चढ़कर बोला,झूठ,फरेब और साजिश कासारा कच्चा चिट्ठा खोला।। तथ्य-विहीन सब आरोप पाएन्याय ने अन्याय
Read Moreदेखो खड़ी सड़क पर टेरे कचरे वाली गाड़ी। कूड़ेदान उठाओ अपने दौड़ो शीघ्र उँडेलोनहीं अधिक वह खड़ी रहेगी कचरा बाहर
Read Moreसब पाकर भी न घमंड होना।सबसे कठिन है सरल होना ।हम जिस कुर्सी पे बैठे आज,कल होगी जाने किसकी जान।
Read Moreपत्ता-पत्ता, बूटा-बूटा हाल सभी का जाने हैं,जब तक डाली से जुड़े थे छाँव सरीखे माने हैं। अब जो छूटे समय
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