स्त्री केवल आकार नहीं
नहीं लिखी गईं वंदनाएँनील गगन को छूती नारी पर, नहीं जले शब्दों के दीपकसूत्र सुलझाती बुद्धि-कुमारी पर। नहीं बजे जय-घोष
Read Moreनहीं लिखी गईं वंदनाएँनील गगन को छूती नारी पर, नहीं जले शब्दों के दीपकसूत्र सुलझाती बुद्धि-कुमारी पर। नहीं बजे जय-घोष
Read Moreफ़रेब जिंदगी इक फ़साना ।सच तो है सिर्फ, मृत्यु का आना ।। अजर-अमर न कोई जहां में ।रो क़ब्र पे
Read Moreजीवन जीना सहज न जानो,बहुत बड़ी फनकारी है,खुद को भी खुश रखना,खुद की ही जिम्मेदारी है। रंग बदलना, ढंग बदलना,देख
Read Moreतुम्हारी चाहत को हम कभी मिटने नहीं देंगे,तुम माँगोगे दर्द, हम खुशी ही देंगे।तुम्हारी मुस्कान हमें सुकून देती है,तुम्हारे आँसू
Read Moreपरेशां अरमानों का रुख मोड़ दिया,कलम का वो निर्भीक दौर ही छोड़ दिया,सच की स्याही अब बोझिल लगने लगी,इसलिए झूठ
Read Moreसुबह की धुंध मेंसपने आँखें खोलते हैंथकती राहों पर भीकदम नहीं रुकते हैं हवा में प्रश्न हैंऔर समय के निशानहर
Read Moreमतलब की डोर से बंधाहर एक इंसान है,स्वार्थ से बना हर रिश्ताआज हुई पहचान उसकी।जब तक है मतलब,तब तक मुस्कुराता
Read Moreपार्टी का बदलना मतलबविचारों का मर जाना होता हैकिसी दूजे पार्टी से जुड़नाउसके विचारधारा को अपनानाउस पर पक्ष निज रखना,दलील
Read Moreजिन पर गुजरी कभी नहीं,दर्द भला वो क्या जाने।जिनसे रिश्ता नहीं हमारा,भला हमें वे क्यों मानें। सबके अपने दर्दों की
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