हे कवि नीरज
हे कवि !जो गीत लिखे तुमवो भावों के गीत लिखे जीवन के रूप मेंनये तराने लिखे आपका जानाएक युग का
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Read More“औकात” शब्द का अर्थ अक्सर लोग धन-दौलत, पदवी या पारिवारिक विरासत तक सीमित मान लेते हैं, जिसके अहंकार में वे
Read Moreछब्बीस जुलाई का दिन हमें,वीरों की गाथा याद दिलाता है।कारगिल की उस रणभूमि का,हर कण शौर्य सुनाता है।कितनी माँओं की
Read Moreवृद्धाश्रम में रहने वाले एक बुज़ुर्ग रोज़ सुबह सबसे पहले रजिस्टर खोलते और अपने काँपते हाथों से अपने नाम के
Read Moreबच्चों की हँसी मासूम लगती है,दुष्टों की हँसी नासूर बनती है। माँ की हँसी में प्यार छलकता,हसीनाओं की हँसी मार
Read Moreआओ मिलकर गान करें, जय जग के नाथ की,निकली आज रथयात्रा, महिमा अपरंपार की। नीलाचल से निकले प्रभु, करुणा के
Read Moreवे उधार लेकर “शान” दिखाएँ,फिर किस्तों में “आँसू” बहाएँ।सेल लगे तो दिल मचल जाएँ,बटुआ बोला—”मैं चला बाय!” क्रेडिट कार्ड की
Read Moreशिक्षा मानव जीवन का वह अमूल्य प्रकाश है जो अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान, विवेक और संस्कार का
Read Moreसमाज में आत्महत्या को कभी भी न्यायसंगत नहीं माना जा सकता है, किन्तु समाज की जिन विसंगतियों के कारण आजकल
Read Moreसोने का भाव जितनी ऊंचाई छू रहा है, धरती उतनी ही गहराई में धंस रही है। वित्तीय बाजार इसे सुरक्षित
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