पद्य साहित्य

हाइकु/सेदोका

रोने पर मरने वाले की बस तलाश में हैं हम

रोया आकाश,भीगी स्मृतियों में,चुप है पथ। सूनी चौखट,कदमों की आहट,ढूँढ़े मन। बुझते दीपक,धुएँ की लकीरों में,चेहरा खोया। टूटी प्रतिध्वनि,वक्त के

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