विदाई
छोटी सी बॅग में वह अपने जेवरात, कपडे, निजी सामान भर रही थी। आँखों से झर-झर आंसू बह रहे थे।
Read Moreआज सुबह ऑफिस में कुछ अलग ही हलचल थी। चायवाले की आवाज़ धीमी, कंप्यूटर कीबोर्ड की आवाज़ें तेज़, और सभी
Read Moreआज पहली बार धीर को खुशी के साथ पूरी तरह आत्मसंतुष्टि हो रही थी। हो भी क्यों न? आखिर उसने
Read Moreचुटकी भर सिन्दूर की कल्पना मात्र से कभी- कभी किसी की विरान जिन्दगी में किस तरह खुशियों के रंग भर
Read Moreसुबह के छह बज रहे थे। आज रात से ही बारिश हो रही थी। गांव के सरकारी माध्यमिक स्कूल में
Read More‘संजू ओ संजू, देखो तो तुम्हारा लाडला तुम्हारे लिए कितना रो रहा है।’ दिनेश ने ड्राइंग रूम से ही आवाज
Read Moreकहते हुए ज्वाइस के चेहरे पर बेहद विश्वाश था और वही विश्वाश मेरे चेहरे पर है कि नहीं ये देखने
Read Moreरोहन एक सफल व्यवसायी था, जो अपने काम में इतना व्यस्त था कि उसे अपने जीवन में प्रेम की कमी
Read Moreचिपचिपाती गर्मी यूं ही परेशान कर रही थी । रात का सफर था, संतोष था कि चलो कुछ थोड़ा खा-पीकर
Read Moreआज रिटायर्ड होने पर कॉलेज के हर तरफ आंसू का सैलाब बह रहा था।प्रोफेसर साहब चुपचाप ऑफिस में बैठकर अपने
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