ग़ज़ल
ख़ुशी चेहरे पे आंखों में नमी हैइसी का नाम शायद ज़िंदगी है उसे जितना समझती हूं शनासावो उतना ही अभी
Read Moreसुना है कि कर्मों का हिसाब- किताबरखते हैं चित्रगुप्तईश्वर परिणाम घोषित करते हैंऔर यमराज लागून जाने ये कितना सच है,
Read Moreविधा- कविताशीर्षक- बंधन-कटैया श्री कृष्ण जब-जब धर्म की हानि होती, प्रभु लेते अवतार हैं,द्वापर में श्री कृष्ण रूप में, आए
Read Moreविधा- कविताशीर्षक- मानव में मानवता जाने क्यों अक्सर लोग कहते हैं,आजकल मानव में मानवता न रही,क्या खुद के अंदर एक
Read Moreविधा- भाव गीतशीर्षक- मत रोको बेटी की उड़ान मत रोको बेटी की उड़ान,छू लेने दो उसको आसमान,सूरज बन उजियारा करेगी,बेटी
Read Moreऊपरवाला जब खाता खोलेगा,दिखावा नहीं,कर्म देखेगा।कितने तीर्थ गए,नहीं देखेगा,किसका दिल दुखाया,देखेगा। केदारनाथ गए कितनी बार,हरिद्वार गए कितनी बार,मंदिरों का हिसाब
Read Moreतुम कहाँ चले गए… काश,तुम मन की बातें कह पाते।कुछ कहना चाहते थे,पर तुम्हारे अस्पष्ट शब्दों कोमैं समझ न पाती
Read Moreउठता है सुबह तड़केडालता है सिरहाने के नीचे हाथनिकालता है बीड़ी का बण्डल और लाइटरजलाता है बीड़ी खींचता है जोर
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